आसमान पर पहुंचे प्याज के दाम तो सरकार ने दिया दखल , नतीजा- इतनी गिर गई कीमत !

प्याज के बढ़ते दाम लोगों के आंसू निकाल रहे है. जिससे सब्जी में प्याज का तड़का नहीं लग पा रहा है. देशभर में प्याज के दाम 50 से लेकर 100 रूपये प्रति किल

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न्यूज़ दिल्ली: पिछले कुछ महीने से प्याज के बढ़ते दाम लोगों के आंसू निकाल रहे है. जिससे सब्जी में प्याज का तड़का नहीं लग पा रहा है. देशभर में प्याज के दाम 50 से लेकर 100 रूपये प्रति किलो के करीब आ गए हैं. जहां देश की राजधानी दिल्ली में प्याज के दाम 50 रूपये पहुंच गए हैं तो वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और शहर पुणे में प्याज की कीमत 100 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है.

लोगों को उम्मीद थी कि नवरात्र खत्म होते ही प्याज के दाम कम हो जाएंगे, क्यों कि अक्सर नवरात्र में लोगों के घरों में प्याज और लहसुन का इस्तेमाल सब्जियों में कम हो जाता है. लेकिन नवरात्र खत्म होने के बाद भी जब प्याज के दाम कम नहीं हुए तो सरकार को खुद सामने आकर ही दखल देना पड़ा है.

और मोदी सरकार ने जो फैसला लिया है. उससे दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे मुख्य बाजारों में प्याज के थोक भाव में 10 रुपये किलो तक की कमी आई है. सरकारी आंकड़ों में इसकी जानकारी मिली है. दरअसल सरकार ने प्याज की आसमान छूती कीमतों के मद्देनजर इसके भंडारण की अधिकतम सीमा तय कर दी है. इसके अलावा निर्यात पर रोक के साथ ही आयात बढ़ाने के भी उपाय किये गये हैं. सरकार के दखल के एक दिन बाद उत्पादक क्षेत्रों में भी कीमतों में नरमी आयी है.

उदाहरण के लिये महाराष्ट्र के लासलगांव में इसके भाव में पांच रुपये की गिरावट आयी है और ये 51 रुपये किलो पर आ गया है. लासलगांव एशिया में प्याज की सबसे बड़ी थोक मंडी है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक चेन्नई में थोक प्याज की कीमतें 23 अक्टूबर को 76 रुपये प्रति किलोग्राम से कम होकर 24 अक्टूबर को 66 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गयीं. इसी तरह, मुंबई, बेंगलुरू और भोपाल में भी दरें 5 से 6 रुपये प्रति किलो गिर गई हैं. जहां मुंबई में प्याज 70 रुपये प्रति किलोग्राम, बेंगलुरू में 64 रुपये प्रति किलोग्राम और भोपाल में 40 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं.

आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया की सबसे बड़ी सब्जी मंडी दिल्ली की आजादपुर मंडी में दैनिक आवक बढ़ कर 530 टन से अधिक हो गयी है. मुंबई में आवक 885 टन से बढ़कर 1,560 टन हो गई है. चेन्नई में दैनिक आवक 1,120 टन से बढ़ कर 1,400 टन और बेंगलुरु में 2,500 टन से बढ़कर 3,000 टन तक पहुंच गई है. यानी कि अब इन मंडियों में प्याज पहले से ज्यादा आने लगी है. जाहिर सी बात है कि जब दैनिक आवक बढ़ेगी तो प्याज कीमत भी खुद व खुद ही घट जाएगी. हलांकि, लखनऊ, भोपाल, अहमदाबाद, अमृतसर, कोलकाता और पुणे जैसे शहरों में अभी आवक नहीं सुधरी है. यहां भी जल्द ही आवक के बढ़ने की उम्मीद की जा रही है.

दरअसल सरकार ने प्याज की स्टॉक लिमिट को भी तय कर दिया है. इसके तहत थोक और खुदरा व्यापारियों के लिए अलग-अलग स्टॉक लिमिट तय की गई है. सरकार ने थोक विक्रेताओं के लिये प्याज की स्टॉक लिमिट को 25 मीट्रिक टन और खुदरा व्यापारियों के लिये 2 मीट्रिक टन निर्धारित किया है. ये स्टॉक लिमिट शुक्रवार 23 अक्टूबर से लेकर के 31 दिसंबर 2020 तक प्रभावी रहेगी. सरकार का ये फैसला जमाखोरी रोकने के साथ ही प्याज की बढ़ती कीमतों पर काबू पाने में कामयाब साबित होगा.